10 facts about Atharvaved in hindi

जानिए अथर्ववेद के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें….

  1. अथर्ववेद अथर्वा ऋषि द्वारा रचित है।
  2. अथर्ववेद में रोग निवारण, जादू -टोना शाप, वशीकरण और दर्शन के भी मन्त्र हैं।
  3. अर्थववेद में 6000 ऋचाएं हैं।
  4. सैकड़ों  लोक उपकारक विषय जैसे अर्थशास्त्र, राष्ट्रभूमि,राष्ट्रभाषा की महिमा, शल्य चिकित्सा आदि का निवारण  भी अथर्ववेद में है।
  5. अथर्ववेद कन्याओं के जन्म की निन्दा करता है।
  6. इसमें सभा एवं समिति को प्रजापति की दो पुत्रियां कहा गया है।
  7.  अथर्ववेद की भाषा और स्वरूप के आधार पर ऐसा माना जाता है कि इस वेद की रचना सबसे बाद में हुई।
  8. अथर्ववेद में ऋग्वेद और सामवेद से भी मंत्र लिए गए हैं।
  9.  चरणव्यूह ग्रन्थ के अनुसार अथर्ववेद की 9 शाखाएं हैं- पैपल, दान्त, प्रदान्त,स्नात, सौल, ब्रहादाबल,शौनक,देवदर्शत, चरणविधा।
  10. सामान्य मनुष्यों के विचारों,विश्वासों,अंधविश्वासों, इत्यादि का वर्णन भी अथर्ववेद में मिलता है।

    10 facts about samveda in hindi

    जानिए सामवेद के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें

    1.सामवेद भारत के प्राचीनतम ग्रंथ वेदों में से एक है,  यह गीत-संगीत प्रधान है।

     2.आर्यों द्वारा साम-गान किया जाता था। सामवेद चारों वेदों में आकार की दृष्टि से सबसे छोटा है।

    3. इसके १८७५ मन्त्रों में से ६९ को छोड़ कर सभी ऋगवेद के हैं। केवल १७ मन्त्र अथर्ववेद और यजुर्वेद के पाये जाते हैं। फ़िर भी इसकी प्रतिष्ठा सर्वाधिक है, जिसका एक कारण गीता में कृष्ण द्वारा वेदानां सामवेदोऽस्मि कहना भी है।

    4.अग्नि पुराण के अनुसार सामवेद के विभिन्न मंत्रों के विधिवत जप आदि से रोग व्याधियों से मुक्त हुआ जा सकता है एवं बचा जा सकता है, तथा कामनाओं की सिद्धि हो सकती है।

    5.इसका नाम सामवेद इसलिये पड़ा है कि इसमें गायन-पद्धति के निश्चित मन्त्र ही हैं।

    6. वेदों में सामवेद की सबसे अधिक शाखाएँ मिलती हैं – १००१ शाखाएँ।


    7.सामवेद में ऐसे मन्त्र मिलते हैं जिनसे यह प्रमाणित होता है कि वैदिक ऋषियों को एसे वैज्ञानिक सत्यों का ज्ञान था जिनकी जानकारी आधुनिक वैज्ञानिकों को हज़ारों साल बाद प्राप्त हो सकी है।

    8. सामवेद में मूल रूप से 99 मन्त्र हैं और शेष ऋग्वेद से लिये गये हैं।

    9.इसमें यज्ञानुष्ठान के उद्गातृवर्ग के उपयोगी मन्त्रों का संकलन है।

    10. वेद के उद्गाता, गायन करने वाले जो कि सामग (साम गान करने वाले) कहलाते हैं,सामगान व्यावहारिक संगीत था और उसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं हैं।

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    10 important facts about yajurveda in hindi

    जानिए,यजुर्वेद से जुडी 10 महत्वपूर्ण जानकारी हिंदी में।

    1.यजुर्वेद गद्य और पद्य दोनों रूपों में लिखा गया।

    2.मुख्य रूप से यजुर्वेद के दो भाग हैं कृष्ण यजुर्वेद और शुक्ल यजुर्वेद ।

    3.कृष्ण यजुर्वेद में मंत्र और उनकी व्याख्या है।

    4.हिंदू धर्म के चारों पवित्र प्रमुख ग्रंथों में से एक है।

    5.इसमें यज्ञ की असल प्रक्रिया के लिए गध और पद मंत्र है.

    6.यजुर्वेद में 40 अध्याय , 1875 कंडिकाएँ तथा 3918 मंत्र हैं

    7.यजुर्वेद में उत्तर वैदिक युग की राजनीतिक सामाजिक तथा धार्मिक जीवन की जानकारी मिलती है।

    8.यजुस के नाम पर ही वेद का नाम यजुस+वेद(=यजुर्वेद) शब्दों की संधि से बना है।

    9. यज् का अर्थ समर्पण से होता है। पदार्थ (जैसे ईंधन, घी, आदि), कर्म (सेवा, तर्पण ), श्राद्ध, योग, इंद्रिय निग्रह [3] इत्यादि के हवन को यजन यानि समर्पण की क्रिया कहा गया है।

    10.यजुर्वेद की एक सौ एक शाखाओं में से छः शाखाएँ उपलध होती हैं। 

    10 important facts about rigveda in hindi

    जानिए ,ऋग्वेद के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें

    1. ऋचाओं के क्रमबद्ध ज्ञान के संग्रह को ऋग्वेद कहा जाता है।
    2. ऋग्वेद में 10,462 ऋचाएं हैं।
    3. ऋग्वेद की ऋचाओं को पढ़ने वाले ऋषि को होतृ कहा जाता है।
    4. ऋग्वेद से आर्यों की राजनितिक प्रणाली और इतिहास के बारे में पता लगता है।
    5. प्रसिद्ध गायत्री मंत्र ऋग्वेद की देन है, जो सूर्य देवता सावित्री को समर्पित है और यह विश्वामित्र द्वारा रचित ऋग्वेद्व के तीसरे मंडल में उल्लेखित है।
    6. ऋग्वेद के 9 वें मंडल में देवता सोम का उल्लेख है।
    7. ऋग्वेद के 8 वें मंडल की हस्तलिखित ऋचाओं को खिल कहा जाता है।
    8. वमनावतार के तीन पगों के आख्यान का प्राचीनतम स्त्रोत ऋग्वेद है।
    9. ऋग्वेद में अग्नि के लिए 200 तथा इंद्र के लिए 250  ऋचाओं की रचना की गयी है।
    10.  समाज में चार प्रकार के वर्ण की कल्पना का स्त्रोत ऋग्वेद है, इसके 10 वें मंडल में पुरुषसूक्त के अनुसार चार वर्ण (ब्रह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शुद्र) को ब्रह्मा के क्रमश: मुख, भुजाओं,जंघाओं और चरणों से  उत्पन्न  हुआ बताया है।