10 facts about samveda in hindi

जानिए सामवेद के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें

1.सामवेद भारत के प्राचीनतम ग्रंथ वेदों में से एक है,  यह गीत-संगीत प्रधान है।

 2.आर्यों द्वारा साम-गान किया जाता था। सामवेद चारों वेदों में आकार की दृष्टि से सबसे छोटा है।

3. इसके १८७५ मन्त्रों में से ६९ को छोड़ कर सभी ऋगवेद के हैं। केवल १७ मन्त्र अथर्ववेद और यजुर्वेद के पाये जाते हैं। फ़िर भी इसकी प्रतिष्ठा सर्वाधिक है, जिसका एक कारण गीता में कृष्ण द्वारा वेदानां सामवेदोऽस्मि कहना भी है।

4.अग्नि पुराण के अनुसार सामवेद के विभिन्न मंत्रों के विधिवत जप आदि से रोग व्याधियों से मुक्त हुआ जा सकता है एवं बचा जा सकता है, तथा कामनाओं की सिद्धि हो सकती है।

5.इसका नाम सामवेद इसलिये पड़ा है कि इसमें गायन-पद्धति के निश्चित मन्त्र ही हैं।

6. वेदों में सामवेद की सबसे अधिक शाखाएँ मिलती हैं – १००१ शाखाएँ।


7.सामवेद में ऐसे मन्त्र मिलते हैं जिनसे यह प्रमाणित होता है कि वैदिक ऋषियों को एसे वैज्ञानिक सत्यों का ज्ञान था जिनकी जानकारी आधुनिक वैज्ञानिकों को हज़ारों साल बाद प्राप्त हो सकी है।

8. सामवेद में मूल रूप से 99 मन्त्र हैं और शेष ऋग्वेद से लिये गये हैं।

9.इसमें यज्ञानुष्ठान के उद्गातृवर्ग के उपयोगी मन्त्रों का संकलन है।

10. वेद के उद्गाता, गायन करने वाले जो कि सामग (साम गान करने वाले) कहलाते हैं,सामगान व्यावहारिक संगीत था और उसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं हैं।

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Author: deepak vj sen

I am a young writer and poet. Writing is my habit, and I want to give my own story in writing.

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