10 important facts about yajurveda in hindi

जानिए,यजुर्वेद से जुडी 10 महत्वपूर्ण जानकारी हिंदी में।

1.यजुर्वेद गद्य और पद्य दोनों रूपों में लिखा गया।

2.मुख्य रूप से यजुर्वेद के दो भाग हैं कृष्ण यजुर्वेद और शुक्ल यजुर्वेद ।

3.कृष्ण यजुर्वेद में मंत्र और उनकी व्याख्या है।

4.हिंदू धर्म के चारों पवित्र प्रमुख ग्रंथों में से एक है।

5.इसमें यज्ञ की असल प्रक्रिया के लिए गध और पद मंत्र है.

6.यजुर्वेद में 40 अध्याय , 1875 कंडिकाएँ तथा 3918 मंत्र हैं

7.यजुर्वेद में उत्तर वैदिक युग की राजनीतिक सामाजिक तथा धार्मिक जीवन की जानकारी मिलती है।

8.यजुस के नाम पर ही वेद का नाम यजुस+वेद(=यजुर्वेद) शब्दों की संधि से बना है।

9. यज् का अर्थ समर्पण से होता है। पदार्थ (जैसे ईंधन, घी, आदि), कर्म (सेवा, तर्पण ), श्राद्ध, योग, इंद्रिय निग्रह [3] इत्यादि के हवन को यजन यानि समर्पण की क्रिया कहा गया है।

10.यजुर्वेद की एक सौ एक शाखाओं में से छः शाखाएँ उपलध होती हैं। 

10 important facts about rigveda in hindi

जानिए ,ऋग्वेद के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें

  1. ऋचाओं के क्रमबद्ध ज्ञान के संग्रह को ऋग्वेद कहा जाता है।
  2. ऋग्वेद में 10,462 ऋचाएं हैं।
  3. ऋग्वेद की ऋचाओं को पढ़ने वाले ऋषि को होतृ कहा जाता है।
  4. ऋग्वेद से आर्यों की राजनितिक प्रणाली और इतिहास के बारे में पता लगता है।
  5. प्रसिद्ध गायत्री मंत्र ऋग्वेद की देन है, जो सूर्य देवता सावित्री को समर्पित है और यह विश्वामित्र द्वारा रचित ऋग्वेद्व के तीसरे मंडल में उल्लेखित है।
  6. ऋग्वेद के 9 वें मंडल में देवता सोम का उल्लेख है।
  7. ऋग्वेद के 8 वें मंडल की हस्तलिखित ऋचाओं को खिल कहा जाता है।
  8. वमनावतार के तीन पगों के आख्यान का प्राचीनतम स्त्रोत ऋग्वेद है।
  9. ऋग्वेद में अग्नि के लिए 200 तथा इंद्र के लिए 250  ऋचाओं की रचना की गयी है।
  10.  समाज में चार प्रकार के वर्ण की कल्पना का स्त्रोत ऋग्वेद है, इसके 10 वें मंडल में पुरुषसूक्त के अनुसार चार वर्ण (ब्रह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शुद्र) को ब्रह्मा के क्रमश: मुख, भुजाओं,जंघाओं और चरणों से  उत्पन्न  हुआ बताया है।